Saturday, May 16, 2026
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आखिर कहाँ हैं यह 600 साल पुराना ‘तलाक वाला मंदिर’

Divorce Temple: दुनिया में एक ऐसा मंदिर भी है जिसे तलाक वाला मंदिर (Divorce Temple Japan) के नाम से जाना जाता है. इस ऐतिहासिक मंदिर की अपनी कई खासियतें हैं. जिसकी वजह से जापान में मौजूद इस मंदिर को पूरी दुनिया में जाना-पहचाना जाता है. जापान का ये मंदिर करीब 600 साल से भी ज्यादा पुराना है. इसे मतसुाओका तोकई जी (Matsugaoka Tokei-ji Temple) के नाम से जाना जाता है. पूरे विश्व में इसे डिवोर्स टेंपल या फिर तलाक वाला मंदिर कहा जाता है. अब आइये ये भी जान लेते हैं कि आखिर इस मंदिर को इस नाम से क्यों पुकारा जाता है.

क्यों पुकारा जाता है इस नाम से

ये मंदिर एशियाई देश जापान के कनागवा राज्य के कामाकुर शहर में आज भी मौजूद है. दरअसल  करीब 600 साल पहले इस प्राचीन मंदिर को घरेलु हिंसा की शिकार औरतों और दुखियारी महिलाओं के लिए बनाया गया था. तब जब जापान समते दुनिया के कई हिस्सों में महिलाओं के अधिकार बहुत सीमित थे और उनको अक्सर पुरुषों की प्रताणना का सामना करना पड़ता था. जापान की भी बहुत सारी पीडित महिलाएं जो अपने घर में प्रताणना की शिकार थी वो मतसुाओका तोकई जी मंदिर में अक्सर आकर बैठती थीं. घरेलु और सामाजिक प्रतिबंधों का सामना कर रही ऐसी महिलाओं के लिए ये मंदिर आज भी मौजूद है . महिलाओं की हितों वाला या यह कह लें महिलाओं के लिए दूसरा सबसे सुरक्षित घर. जापान के कनागवा प्रांत के कामाकुर शहर में ये मंदिर आज भी मौजूद है.

Do You About This 600-year-old 'Divorce Temple' In Japan ...
Tokeiji Temple

 इस मंदिर को बनाने की जरूरत आखिर क्यों पड़ी ?

जापान के इस प्राचीन मंदिर को दुखियारी औरतों का घर भी कहा जाता है. दरअसल इस मंदिर का निर्माण उस दौर में किया गया था. जब जापान की औरतें प्रताड़ना और घरेलु हिंसा का शिकार होती थीं. उनके पास अपना कोई अधिकार नहीं था या यूं कह लें की उनका अधिकार बहुत सीमित था. जिन पर कई तरह के सामाजिक प्रतिबंध भी लगे थे. ऐसी महिलाएं अपने घरों या जहां भी वो प्रताड़ना की शिकार थी. उन जगहों को छोड़कर इस मंदिर में आती थीं जहां इन्हें शरण और सहारा दोनों मिलता था. इस मंदिर में वो अपना नया जीवन शुरू करती थीं. ऐसी महिलाओं के लिए ये मंदिर सहारा बना चुका था.

Divorce Temple: Such a temple where vows are sought to break the marriage, know the story of 'Divorce Temple' | Divorce Temple: ऐसा मंदिर जहां शादी तोड़ने की मांगी जाती है मन्नत,
तलाक वाला मंदिर

इस मंदिर का निर्माण किसने कराया?

ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर का निर्माण बुद्धिस्ट नन काकुसान शीडो-नी (Kakusan Shidō-ni) ने 1185 से लेकर 1333 के बीच में कराया था. उन दिनों जापान में महिलाओं की स्थिती बेहद खराब थी. घरेलु हिंसा के अलावा वो सामाजिक प्रतिबंधों और अपने मूल अधिकारों से भी वंचित थीं.

किसने और कब बनाया ये मंदिर?

रिपोर्ट्स के अनुसार ये एक बौद्ध धर्म का मंदिर है. इसे 1285 में बुद्धिस्ट नन काकुसान शीडो-नी (Kakusan Shidō-ni) ने बनवाया था. 1185 से लेकर 1333 के बीच, जापानी औरतों की स्थिति बेहद खराब थी. उनके पास मूल अधिकार ही नहीं थे. इसके अलावा उनके ऊपर कई सामाजिक प्रतिबंध भी लगाए जाते थे. ऐसे में जो महिलाएं अपनी शादी में नहीं खुश थीं या घरेलु हिंसा का शिकार होती थीं, वो इस मंदिर में आकर रहा करती थीं. वो यहां आकर जिंदगी गुजार पाती थीं.

महिलाओं के लिए है दूसरा घर!
जापान में तलाकशुदा औरतों को सशक्त करने के लिए सालों पहले एक मंदिर (Divorce Temple Japan) का निर्माण किया गया था, जो उनका दूसरा घर बन जाया करता था. इस मंदिर को तलाक मंदिर के नाम से जाना जाता है. आपको लगेगा कि यहां लोग आकर तलाक लेते हैं. पर ऐसा नहीं है,

यह दुखियारी औरतों का घर बन गया था , रिपोर्ट्स के अनुसार ये एक बौद्ध धर्म का मंदिर है. इसे 1285 में बुद्धिस्ट नन काकुसान शीडो-नी (Kakusan Shidō-ni) ने बनवाया था. 1185 से लेकर 1333 के बीच, जापानी औरतों की स्थिति बेहद खराब थी. उनके पास मूल अधिकार ही नहीं थे. इसके अलावा उनके ऊपर कई सामाजिक प्रतिबंध भी लगाए जाते थे. ऐसे में जो महिलाएं अपनी शादी में नहीं खुश थीं या घरेलु हिंसा का शिकार होती थीं, वो इस मंदिर में आकर रहा करती थीं.

Divorce Temple:ये है दुनिया का सबसे ...
symbol of empowering women.
मंदिर देने लगा सर्टिफिकेट
कुछ समय बाद ये मंदिर उन औरतों को आधिकारिक रूप से तलाक के सर्टिफिकेट भी देने लगा जिससे वो अपनी जिंदगी खुशहाल ढंग से बिता सकें. ये सर्टिफिकेट कानूनी तौर पर महिलाओं को शादी से आजादी देता था. तलाक किसी भी विवाहित जोड़े, परिवार और समाज के लिए दुख का मुद्दा होता है. तलाक होने पर सिर्फ दो लोग नहीं, परिवार भी अलग हो जाते हैं, ऐसे में पति-पत्नी की संतानों पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है. तलाक को अच्छा तो नहीं कहा जा सकता, पर जब रिश्ते बर्दाशत से बाहर चले जाते हैं, तब तलाक ही एक मात्र विकल्प बचता है. कई समुदायों में तलाक बुरा माना जाता है और उसके बाद औरतों की जिंदगी मुश्किल हो जाती है, ऐसी औरतों की जिंदगी को आसान बनाने के लिए ही इस मंदिर का निर्माण हुआ था this is why  This temple is known as a symbol of empowering women.
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