Cats : बिल्लियाँ हर जगह पाई जाती है ,हर जगह की अलग अलग मान्यता होती है ,कहीं बिल्लियाँ पूजनीय है तो कहीं अपशकुन ,प्राचीन मिश्र में देवी के रूप में पूजा जाता है और ऑस्ट्रेलिया में तो लगभग हर घर में बिल्ली पाली जाती है। यूरोप और अमेरिका में पालतू जानवर के तौर पर बिल्ली लोगों की पहली प्राथमिकता है। आज दुनिया में बिल्लियों की आबादी 50 करोड़ से भी ज्यादा है। प्राचीन मिस्र में तो बिल्लियों की पूजा की जाती है I
वैज्ञानिक नाम – Felis catus (फेलिस कैटस)
Is there any other animal on Earth so surrounded by myth and superstition than one of our most popular pets — Cat
कहीं सौभाग्य तो कहीं दुर्भाग्य का प्रतीक :Cats
उत्तर भारत में एक तरह की मान्यता चली आ रही है कि बिल्लियों का रास्ता काटना अशुभ होता है। ठीक इसके उलट मिश्र में लोग बिल्लियों के सुबह सवेरे के दर्शन को अपना सौभाग्य मानते थे। और बिल्ली की तस्करी करने का आरोप सिद्ध होने पर मौत की सजा देने का प्रावधान था।
अमेरिका में बिल्लियों के लिए लोगों की दीवानगी इस बात से समझनी चाहिए कि अलास्का में एक बार एक बिल्ली को ही 15 साल के लिए मेयर बना दिया गया।
भारत में बिल्लियों से जुडा अंधविश्वास : Cats
भारत में बिल्ली को अशुभ माने जाने के पीछे कई कारण हैं। जिनमें से एक ये है कि बिल्ली को ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहु ग्रह का सवारी माना जाता है। राहु ग्रह लोगों की परेशानी की वजह बनता है। इसलिए उसकी सवारी बिल्ली भी अनिष्ट होगी, ऐसा तर्क दिया जाता है। लेकिन इस मान्यता का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं मिलता।
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एक पालतू बिल्ली औसतन 12 से 18 साल तक जीवन यापन करती है। दुनिया में बिल्लियों की करीब तीन दर्जन नस्लें हैं। शेर, बाघ और चीता जैसे खूंखार जंगली जानवर भी बिल्लियों की ही नस्लें होती हैं। जो बिल्लियाँ वर्तमान में लोग अपने घरों के भीतर पाल रहे हैं। वो एक जमाने में अफ्रीका के जंगलों में पाई जाती थी। तीन सदी से बिल्ली पालतू बनाई गई है। इससे पहले ये जंगलों में ही रहती थी।
Cats are either good luck or Bad luck
अब जानने की कोशिश करते हैं कि एक बिल्ली म्याऊँ क्यों बोलती है? 21 वीं सदी तक बिल्लियों के म्याऊँ बोले जाने के पीछे कारण उनकी खुशी बताया जाता रहा। लेकिन आगे चलकर जीव विज्ञानियों ने पाया कि बिल्ली खुशी के अलावा अपना एतराज जाहिर करने के लिए भी म्याऊँ की आवाज़ निकालती है।
जहां एक तरफ हिन्दू धर्म में बिल्ली को अपशकुन का प्रतीक बना दिया गया है वहीं इस्लाम धर्म पालतू बिल्ली को श्रेष्ठ मानता है।

इंसानों के मुकाबले बिल्लियों के सुनने की क्षमता तीन गुना से भी अधिक होती है। बिल्लियाँ 64 मेगा हर्ट्ज़ की आवाज़ सुन सकती हैं जबकि इंसान सिर्फ 20 मेगा हर्ट्ज़ तक की आवाज सुन सकते हैं।
हालांकि पालतू बिल्लियाँ दौड़ती बहुत कम हैं लेकिन जरूरत के अनुसार वो 30 मील प्रति घंटे की तेज रफ़्तार से दौड़ सकती हैं।
अमेरिका में तो डाॅक्टर भी बिल्ली पालने का मशवरा देते हैं क्योंकि बिल्ली ह्रदय के मरीजों को अटैक आने की संभावना को तीन गुना तक कम कर देती है|

