Blue Whale: 5 करोड़ साल पहले अस्तित्व में आई ब्लू व्हेल धरती की सबसे विशालकाय मछली है। ब्लू व्हेल की लंबाई 30 मी और वजन 180 टन तक होता है। धरती पर विलुप्त हो चुके डायनासोर का कंकाल भी ब्लू व्हेल से छोटा होता है। डायनासोर और ब्लू व्हेल की विशाल शरीर में बहुत बड़ा अंतर नहीं है। लेकिन इन दोनों जीवों के व्यवहार में बड़ा फेर है। जहां एक तरफ डायनासोर खूंखार और जानलेवा होता था वहीं ब्लू व्हेल शालीनता से जीवन बिताने वाली मछली है। ये डायनासोर बेकार में उत्पात नहीं मचाती।

Blue Whale: दिल की धड़कन 2 मील तक देती है सुनाई
वैज्ञानिक नाम- Balaenoptera musculus. अफ्रीका के जंगलों में पाई जाने वाली हाथी का आकार ब्लू व्हेल की जीभ के वजन जितना ही होता है। इससे आप ब्लू व्हेल के विशाल शरीर का अंदाज़ा लगा सकते हैं। इसके दिल की धड़कन को तो 2 मील दूर से भी सुना जा सकता है। साथ ही ब्लू व्हेल करीब दो घंटे तक बिना सांस लिये ही जीवित रह सकती है।
ब्लू व्हेल दो सौ रोज़ अगर ना खाये तो भी जीवित रह सकती है। दरअसल ब्लू व्हेल एक बार में 500 किग्रा छोटी मछलियों का उपभोग कर लेती है। इससे उसके शरीर में 500 लाख कैलोरी ऊर्जा बन जाती है। एक बार में ब्लू व्हेल 4-6 टन भोजन करती है। जिसकी वजह से महीनों उसे भोजन की जरूरत नहीं पड़ती।

भीमकाय मछली 46 किमी की रफ़्तार से तैरने में सक्षम होती हैं। अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य व्हेल मछलियों का सबसे बड़ा सेंटर माना जाता है। क्योंकि यहां पर ढाई हजार से ज्यादा व्हेल मछलियाँ हैं। व्हेल मछली अपने साथी को बुलाने के लिए बड़ी ही मीठी और सुरीली आवाज़ निकालती है। और इसी आवाज़ को सुनने के लिए कैलिफोर्निया में सैलानियों का हुजूम उमड़ा रहता है।
Blue Whale: बच्चे की लंबाई 8 मीटर
ब्लू व्हेल नीले-भूरे कलर की होती हैं और उन पर बड़े धब्बों के बीच हल्के भूरे रंग के धब्बे भी पड़े होते हैं। ब्लू व्हेल के शरीर पर शैवाल के रहने के चलते कई बार उनका रंग पीला भी दिखाई देता है। ब्लू व्हेल अपने बच्चों को 12 महीने गर्भ में रखती है। जन्म के समय ब्लू व्हेल के बच्चे की लंबाई 8 मी तक होती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक ब्लू व्हेल के बच्चे की रोजाना का वजन 90 किग्रा बढ़ता है। आठ महीने बाद ब्लू व्हेल अपने बच्चों को दूध पिलाना बंद कर देती है। इतने कम समय में ही ब्लू व्हेल के बच्चे 50 फीट लंबे और वयस्क हो जाते हैं।

मांस के लिए हो रहा शिकार
बीसवीं सदी में तकरीबन सभी महासागरों में ब्लू व्हेल प्रचुर मात्रा में थी। लेकिन लगातार शिकार होने के चलते वर्तमान में दुनिया भर के सभी महासागरों और समुद्रों में करीब 12 हजार ब्लू व्हेल मछलियाँ बची हैं, फिर भी जीव संरक्षण के अंतरराष्ट्रीय संस्थानों ने इसे लुप्तप्राय जीव घोषित कर दिया है। स्वादिष्ट मांस के लिए इनका 1960 से पहले जमकर शिकार हुआ, जिसके बाद ब्लू व्हेल के शिकार पर रोक लगा दी गई।

ब्लू व्हेल का जीवनकाल 70 से 90 साल होता है। ब्लू व्हेल से एंबरग्रीस शुक्राणु स्रावित होता है। जिसका इस्तेमाल परफ्यूम बनाने में किया जाता है।

