अब तक स्मार्टवॉच हमारी हार्ट रेट, कदमों की संख्या और रोजमर्रा की गतिविधियों पर नजर रखती थी। लेकिन अब तकनीक एक कदम आगे बढ़ चुकी है। आने वाले समय में सिर्फ आपकी घड़ी ही नहीं, बल्कि आपका बिस्तर भी आपकी सेहत का साथी बन सकता है। नई स्लीप टेक्नोलॉजी ऐसे स्मार्ट मैट्रेस टॉपर लेकर आई है, जो पूरी रात आपकी नींद को समझते हैं और उसी के अनुसार खुद को बदलते रहते हैं।
अमेरिका की स्लीप टेक कंपनी Eight Sleep का एआई आधारित Pod इन दिनों काफी चर्चा में है। यह सामान्य गद्दा नहीं, बल्कि एक स्मार्ट मैट्रेस टॉपर है, जिसे बिस्तर पर लगाया जाता है। इसमें लगे सेंसर पूरी रात शरीर से मिलने वाले संकेतों को पढ़ते हैं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बिस्तर का तापमान अपने आप बदलते रहते हैं। इसका उद्देश्य यह है कि सोने वाले व्यक्ति को पूरी रात आरामदायक माहौल मिले और उसकी नींद बेहतर हो सके।

हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकता है बिस्तर का तापमान
इस तकनीक की सबसे दिलचस्प बात यह है कि बिस्तर के दोनों हिस्सों का तापमान अलग-अलग रखा जा सकता है। अगर एक व्यक्ति ठंडा माहौल पसंद करता है और दूसरा थोड़ा गर्म, तो दोनों अपनी-अपनी पसंद के अनुसार अलग सेटिंग चुन सकते हैं। इससे एक ही बिस्तर पर सोने वाले दो लोगों को अपनी सुविधा के अनुसार आराम मिल सकता है।
रातभर शरीर की गतिविधियों पर रहती है नजर
इस स्मार्ट मैट्रेस टॉपर में कई संवेदनशील सेंसर लगाए गए हैं। ये सेंसर पूरी रात शरीर के तापमान, हार्ट रेट, सांस लेने की गति, नींद के अलग-अलग चरणों और करवट बदलने जैसी गतिविधियों को रिकॉर्ड करते रहते हैं। इन सभी जानकारियों का विश्लेषण एआई करता है और उसी आधार पर तय करता है कि बिस्तर को थोड़ा ठंडा करना है या गर्म, ताकि नींद अधिक आरामदायक बनी रहे।
सुबह मिलती है पूरी रात की रिपोर्ट
रातभर जुटाए गए आंकड़ों को एक मोबाइल एप में देखा जा सकता है। इसमें यह जानकारी मिलती है कि आपकी नींद कैसी रही, शरीर ने रात के दौरान कैसी प्रतिक्रिया दी और कुल मिलाकर आपकी नींद की गुणवत्ता कैसी रही। एप एक स्लीप फिटनेस स्कोर भी दिखाता है, जिससे उपयोगकर्ता अपनी नींद की स्थिति को बेहतर ढंग से समझ सकता है।
कई चर्चित लोग कर चुके हैं इस्तेमाल
इस तकनीक का उपयोग दुनिया के कुछ चर्चित नाम भी कर चुके हैं। इनमें इलॉन मस्क, मार्क जुकरबर्ग और एंटी-एजिंग उद्यमी ब्रायन जॉनसन जैसे लोगों के नाम शामिल हैं। इस स्मार्ट मैट्रेस टॉपर की शुरुआती कीमत लगभग 3,500 डॉलर (करीब 3 लाख रुपये) बताई गई है।
नींद भी बन रही है नई टेक्नोलॉजी का केंद्र
पिछले कुछ वर्षों में स्वास्थ्य से जुड़े स्मार्ट उपकरण तेजी से लोकप्रिय हुए हैं। पहले ध्यान फिटनेस ट्रैकिंग पर था, लेकिन अब कंपनियां बेहतर नींद को भी नई तकनीक के जरिए समझने और सुधारने की दिशा में काम कर रही हैं। ऐसे स्मार्ट बेड और मैट्रेस यह संकेत देते हैं कि भविष्य में घर के सामान्य सामान भी एआई की मदद से अधिक स्मार्ट और उपयोगी बन सकते हैं।
क्या बदल जाएगी सोने की आदत?
फिलहाल ऐसी तकनीकें महंगी हैं और सीमित लोगों तक पहुंची हैं, लेकिन यह साफ है कि स्वास्थ्य और आराम से जुड़ी स्मार्ट तकनीकें लगातार विकसित हो रही हैं। आने वाले समय में संभव है कि बिस्तर सिर्फ आराम करने की जगह न रह जाए, बल्कि हमारी सेहत पर नजर रखने वाला एक स्मार्ट साथी भी बन जाए।



