चीन की राजधानी बीजिंग में इंसानों जैसे दिखने वाले रोबोट इन दिनों फुटबॉल और टेबल टेनिस खेलते नजर आ रहे हैं। शुक्रवार, 14 अगस्त को विश्व ह्यूमनॉइड रोबोट खेलों से पहले एक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया, जिसमें रोबोटों ने अलग-अलग खेलों में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।
आयोजकों के मुताबिक, इस साल होने वाली प्रतियोगिता में 666 टीमें और 2,000 से ज्यादा रोबोट हिस्सा ले रहे हैं। पिछले साल यानी 2025 में इस प्रतियोगिता में 280 टीमें और करीब 500 रोबोट शामिल हुए थे। यानी सिर्फ एक साल में प्रतियोगिता का दायरा काफी बढ़ गया है।

इस बार करीब 30 अंतरराष्ट्रीय टीमें 16 देशों और क्षेत्रों से प्रतियोगिता में हिस्सा ले रही हैं। इनमें अमेरिका, जर्मनी और जापान जैसे रोबोट तकनीक के क्षेत्र में आगे माने जाने वाले देश भी शामिल हैं।
प्रतियोगिता में कुल 51 मुकाबले होंगे। इनमें 100 मीटर दौड़, ऊंची कूद और लंबी कूद जैसे खेल भी शामिल हैं। इसके अलावा रोबोटों की असली दुनिया में काम करने की क्षमता परखने के लिए 20 अलग-अलग चुनौतियां रखी गई हैं।

इन चुनौतियों में कारखानों, होटलों, घरों और आपातकालीन बचाव जैसे हालात में रोबोटों के प्रदर्शन को परखा जाएगा।
इस प्रतियोगिता का मकसद सिर्फ रोबोटों को खेलते हुए दिखाना नहीं है, बल्कि यह भी देखना है कि भविष्य में ह्यूमनॉइड रोबोट इंसानों की तरह अलग-अलग परिस्थितियों में कितनी तेजी और सटीकता से काम कर सकते हैं।
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