मऊ: नगर पालिका परिषद मऊ के वार्ड नंबर 12, निजामुद्दीनपुरा में जलभराव और खराब सड़क की समस्या से स्थानीय लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। मानसरोवर पैलेस के पीछे डूडा भवन से अजय राय के घर होते हुए दलित बस्ती, रविदास मंदिर के आगे माधव होटल रोड तक जाने वाली गली L-10 और L-12 की स्थिति लंबे समय से खराब बनी हुई है।
टूटी और जाम नालियों का गंदा पानी सड़क पर जमा होने से लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। कई स्थानों पर सड़क पूरी तरह टूट चुकी है और कीचड़ व गंदे पानी के बीच से होकर लोगों को गुजरना पड़ रहा है।
स्कूली बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि जलभराव के कारण स्कूली बच्चों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। सुबह स्कूल जाते समय और वापस लौटने के दौरान बच्चों के कपड़े गंदे होने के साथ ही फिसलकर गिरने का खतरा भी बना रहता है।
लोगों के मुताबिक, बारिश होने के बाद स्थिति और खराब हो जाती है। जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण पानी लंबे समय तक सड़क पर जमा रहता है।
तीन साल से नाली और सड़क का इंतजार
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह समस्या करीब तीन वर्षों से बनी हुई है। नाली और इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार जनसुनवाई-IGRS और समाधान दिवस में शिकायतें की जा चुकी हैं। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बाद आश्वासन और कागजी कार्रवाई तो हुई, लेकिन जमीन पर अब तक कोई ठोस काम नहीं हो सका।
शिकायतों में वर्ष 2023 में करीब 23.63 लाख रुपये के प्राकलन का उल्लेख किया गया था। इसके बाद वर्ष 2024 में एस्टीमेट तैयार होने और जल्द टेंडर निकालकर काम शुरू कराने की बात सामने आई। वहीं, वर्ष 2026 में भी करीब 29.79 लाख रुपये के व्ययानुमान की जानकारी आख्या में दी गई।
हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि इन प्रक्रियाओं के बावजूद नाली और सड़क निर्माण का काम अब तक शुरू नहीं हुआ है।
गंदे पानी से बीमारियों का खतरा
लंबे समय से जमा गंदे पानी और सिल्ट के कारण इलाके में मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों को डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा सता रहा है।
लोगों का कहना है कि समस्या का स्थायी समाधान केवल पानी निकालने से नहीं होगा, बल्कि जाम नालियों की सफाई के साथ नई नाली और इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण जरूरी है।

नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री से भी शिकायत
समस्या को लेकर स्थानीय लोगों ने नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री को भी शिकायत भेजकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। लोगों की मांग है कि टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी कर नाली और इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण शुरू कराया जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क बनने से बच्चों, बुजुर्गों और आम राहगीरों को काफी राहत मिलेगी और जलभराव की समस्या का भी स्थायी समाधान हो सकेगा।
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अब सवाल यह है कि तीन साल से जलभराव और टूटी सड़क की समस्या झेल रहे वार्ड नंबर 12 के लोगों को आखिर कब राहत मिलेगी?

