नई दिल्ली: इंडियन आर्मी के सेवानिवृत सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल (retd) आरडी भट्ट ने केंद्र सरकार से शिक्षा, न्याय, शासन और चुनाव व्यवस्था में व्यापक सुधार करने की अपील की है। उन्होंने एक 12 सूत्रीय प्रस्ताव जारी करते हुए कहा कि इन सुधारों से भारत को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और मजबूत बनाया जा सकता है।उन्होंने कहा कि एक शिक्षित और जिम्मेदार नागरिक होने के नाते उन्होंने ये सुझाव देशहित में सरकार के सामने रखे हैं।
1. शिक्षा व्यवस्था को Student Friendly और Fool-Proof बनाना
आज शिक्षा व्यवस्था में अनेक खामियां हैं। इसके लिए:
1. रोजगारपरक शिक्षा – डिग्री के साथ Skill अनिवार्य हो।
2. पेपर लीक पर कड़ी रोक – ब्लॉकचेन और बायोमेट्रिक से परीक्षा। दोषियों को देशद्रोह जैसी सजा।
3. शिक्षकों का मूल्यांकन – हर 3 साल में प्रदर्शन जांच। अयोग्य शिक्षक हटाए जाएं।
4. समान पाठ्यक्रम – सरकारी-निजी स्कूलों में “नागरिक शास्त्र, अनुशासन, देशभक्ति” अनिवार्य हो।
5. परीक्षा की तारीख न बदले – इससे छात्रों का विश्वास बना रहेगा।
2. सभी भर्ती परीक्षाओं में “Tiered Selection System” लागू हो
उन्होंने कहा कि आज UPSC, SSC, राज्य PCS और अन्य ग्रेड-1 / ग्रेड-2 परीक्षाओं में लाखों अभ्यर्थी बैठते हैं और कुछ सौ/हजार ही चुने जाते हैं। बाकी की मेहनत बर्बाद हो जाती है। यह देश के युवाओं के साथ अन्याय है।
उन्होंने 12वीं की मेरिट के आधार पर नियुक्ति देने की सुझाव दिया है। आइये उनके प्रस्तावित पैटर्न के बारे में जानते हैं।
प्रतिशत आधारित:
95% और उससे ऊपर – ग्रेड-1 सर्वोच्च सेवा
90% – 95% – ग्रेड-1 अन्य सेवा
80% – 90% – ग्रेड-2 सेवा
70% – 80% – ग्रेड-3 सेवा
50% – 70% – ग्रेड-4 / सहायक सेवा
नोट: ऊपर दिया गया UPSC का उदाहरण मात्र है। इसी प्रकार का “प्रतिशत आधारित Tiered Selection” केंद्र और सभी राज्यों की सभी ग्रेड-1 / ग्रेड-2 परीक्षाओं में अनिवार्य किया जाए।
3. न्यायपालिका और कानून में सुधार
4. फास्ट-ट्रैक कोर्ट – 1 साल में फैसला अनिवार्य। लंबित 5 करोड़ केस कम हों।
5. जों की नियुक्ति पारदर्शी हो।
6. कानून सबके लिए समान हो – जाति, धर्म, पैसा कोई मापदंड न हो।
4. सरकारी विभागों और योजनाओं में पारदर्शिता – “फूल-प्रूफ ऑडिट सिस्टम”
उन्होंने कहा कि आज अनेक विभागों और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में अनियमितताएं पाई जाती हैं। कागजों में करोड़ों का खर्च दिखाया जाता है, पर जमीन पर उसका 50% भी खर्च नहीं होता।
इसे रोकने के लिए हर सरकारी योजना की थर्ड-पार्टी सोशल ऑडिट अनिवार्य हो।
इस ऑडिट कमेटी में सरकार + विपक्ष + CAG + स्थानीय नागरिक शामिल हों।
Geo-tagging + Online Dashboard से हर पैसे का हिसाब जनता देख सके।
5. चुनाव और राजनीतिक सुधार
6. न्यूनतम शैक्षिक योग्यता – पंचायत से लेकर संसद तक चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम Graduate होना अनिवार्य हो + क्लीन क्रिमिनल रिकॉर्ड।
7. राष्ट्रीय स्तर पर केवल 3 राजनीतिक दल – UK/US की तरह।
8. वोट का वजन – शिक्षित और करदाता नागरिक के वोट का मूल्य अधिक हो।
9. चुनावी विज्ञापन पर पूर्ण बैन – सरकारी मीडिया पर बराबर समय।
6. मीडिया की वास्तविक स्वतंत्रता सुनिश्चित हो
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की चौथी स्तंभ “मीडिया की स्वतंत्रता” कागजों तक सीमित है। जमीन पर राजनीतिक और आर्थिक दबाव के कारण निष्पक्ष पत्रकारिता नहीं हो पा रही।
इसलिए मीडिया को राजनीतिक और कॉरपोरेट दबाव से मुक्त किया जाए।
स्वतंत्र प्रेस आयोग बनाया जाए जो मीडिया पर हमले, धमकी और दबाव की जांच करे।
सरकारी विज्ञापन का बंटवारा पारदर्शी और समान हो, ताकि निष्पक्ष आवाजें दबें नहीं।
7. युवाओं के लिए अनिवार्य राष्ट्रीय सेवा
पेशे में जाने से पहले हर युवा के लिए 2 से 5 साल की अनिवार्य सेवा – सेना, अर्धसैनिक या विकास कार्य में।
इससे अनुशासन, देशभक्ति, शारीरिक स्वास्थ्य और “बेहतर नागरिक” बनेंगे।
8. प्रोटेस्ट का दायरा
छात्रों को विरोध का अधिकार है। पर वह शालीन और संवैधानिक होना चाहिए। तोड़फोड़ और गाली लोकतंत्र को कमजोर करती है।
9. सामाजिक जवाबदेही
नाबालिग बच्चों द्वारा गाली-गलौज या अपराध पर माता-पिता की जवाबदेही तय हो।
10. अन्य 3 महत्वपूर्ण सुधार
11. पुलिस सुधार – पुलिस को राजनीतिक दबाव से मुक्त किया जाए।
12. डिजिटल शासन – पारदर्शिता से भ्रष्टाचार अपने आप खत्म होगा।
13. कृषि और गांव – तकनीक और सम्मान देकर युवाओं का पलायन रोका जाए।
11. निष्कर्ष
हम आजाद भारत के नागरिक हैं। ये आजादी बलिदान से मिली है। अधिकार के साथ कर्तव्य निभाने से ही भारत विश्व गुरु बनेगा। झे पूर्ण विश्वास है कि सरकार युवाओं और देश के हित में ये ठोस कदम उठाएगी।
सरकार से की विचार करने की अपील
सेवानिवृत सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल (retd) आर.डी. भट्ट ने कहा कि इन सुझावों का उद्देश्य देश की संस्थाओं को अधिक मजबूत, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। उन्होंने सरकार से इन प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है।
नोट: यह सेवानिवृत सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल (retd) आर.डी. भट्ट द्वारा सरकार को भेजे गए सुझावों और मांगों पर आधारित खबर है। इसमें व्यक्त विचार उनके व्यक्तिगत प्रस्ताव हैं।

