ज्यादातर लोग 97 साल की उम्र में आराम करना पसंद करते हैं, लेकिन ब्रिटेन की बेट्टी ब्रोमेज ने यह साबित कर दिया कि अगर हौसला मजबूत हो तो उम्र कभी भी सपनों की राह में रुकावट नहीं बनती।
बेट्टी ने एक बार फिर इतिहास रचते हुए दुनिया की सबसे उम्रदराज महिला विंग वॉकर बनने का अपना ही गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया। उन्होंने 4 अगस्त को एक बार फिर विमान के पंख पर खड़े होकर उड़ान भरी और पूरी दुनिया को प्रेरित कर दिया।

बेट्टी ब्रोमेज ने पहली बार यह रिकॉर्ड चार साल पहले बनाया था। अब 97 वर्ष की उम्र में उन्होंने दोबारा विंग वॉक करके अपना ही रिकॉर्ड बेहतर कर दिया।
विंग वॉकिंग दुनिया के सबसे रोमांचक और साहसिक खेलों में गिनी जाती है। इसमें व्यक्ति उड़ते हुए विमान के पंख पर खड़ा होकर यात्रा करता है। इस उम्र में ऐसा कारनामा करना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।
रिकॉर्ड के साथ किया नेक काम
बेट्टी का यह साहसिक कदम केवल रिकॉर्ड बनाने तक सीमित नहीं था। इस आयोजन के जरिए उन्होंने चेल्टेनहैम जनरल अस्पताल के स्ट्रोक यूनिट के लिए धन जुटाया।

साल 2025 में बेट्टी को स्ट्रोक आया था और उनका इलाज इसी अस्पताल में हुआ था। स्वस्थ होने के बाद उन्होंने अस्पताल की मदद करने का फैसला किया और अपने पसंदीदा साहसिक अभियान को एक नेक उद्देश्य से जोड़ दिया।
‘घर बैठकर जिंदगी से ऊब जाऊंगी’
बेट्टी ने बताया कि अगर वह ऐसे काम न करें तो उन्हें जिंदगी नीरस लगने लगेगी।
उन्होंने कहा कि अब वह कार नहीं चला सकतीं, उनकी आंखों की रोशनी भी पहले जैसी नहीं रही, लेकिन वह उन कामों को जरूर करना चाहती हैं जो अब भी कर सकती हैं।
उनका यही सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास उन्हें आज भी नई चुनौतियां स्वीकार करने की ताकत देता है।
10 साल में कर चुकी हैं छह विंग वॉक
बेट्टी पिछले करीब दस वर्षों में छह बार विंग वॉक कर चुकी हैं। हर बार उन्होंने यह साबित किया कि उम्र केवल एक संख्या है, असली ताकत इंसान के इरादों में होती है।
दुनिया के लिए बनीं प्रेरणा
बेट्टी ब्रोमेज की कहानी सिर्फ एक रिकॉर्ड की नहीं, बल्कि साहस, आत्मविश्वास और जीवन को पूरी ऊर्जा के साथ जीने की मिसाल है। उन्होंने दिखा दिया कि जीवन में नया करने की कोई उम्र नहीं होती। यदि मन में उत्साह हो तो 97 साल की उम्र में भी आसमान को छूना संभव है।

