लखनऊ, 26 अगस्त 2026: उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं ने विद्युत बिल संग्रह के क्षेत्र में नया रिकॉर्ड बनाया है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व एवं निर्देशन में संचालित विद्युत सखी अभियान के तहत अब तक 16,021 सक्रिय विद्युत सखियों ने ₹3,562 करोड़ से अधिक के बिजली बिलों का संग्रह किया है।
विद्युत सखी कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराने के साथ ग्रामीण उपभोक्ताओं को घर के नजदीक बिजली बिल भुगतान की सुविधा देना है। इस पहल से महिलाओं को नियमित आय के साथ सम्मानजनक रोजगार भी मिल रहा है।
1.55 करोड़ से ज्यादा बिलों का संग्रह
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन और राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के बीच हुए अभिसरण के तहत चलाए जा रहे इस कार्यक्रम में विद्युत सखियों ने अब तक 1.55 करोड़ से अधिक बिजली बिल जमा किए हैं। इसके एवज में उन्होंने ₹46 करोड़ से ज्यादा का कमीशन अर्जित किया है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विद्युत सखी कार्यक्रम को ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं की आय बढ़ने के साथ उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो रही है।
2026-27 में भी जारी है तेज रफ्तार
वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक विद्युत सखियों ने ₹250 करोड़ से अधिक का राजस्व संग्रह किया है और ₹3.15 करोड़ से ज्यादा कमीशन अर्जित किया है।
वहीं, पिछले वर्षों के आंकड़े भी कार्यक्रम की लगातार बढ़ती सफलता को दिखाते हैं। वर्ष 2025-26 में ₹1,451 करोड़, 2024-25 में ₹1,044 करोड़, 2023-24 में ₹466 करोड़ और 2022-23 में ₹263 करोड़ का बिजली बिल संग्रह किया गया था।
एक महीने में ₹350 करोड़ का संग्रह
कार्यक्रम के प्रभारी मिशन प्रबंधक आयुष वर्मा के अनुसार, वर्ष 2022-23 में जहां पूरे साल में ₹263 करोड़ का बिल संग्रह हुआ था, वहीं दिसंबर 2025 में अकेले एक महीने में ₹350 करोड़ का संग्रह किया गया। यह विद्युत सखी अभियान की बढ़ती पहुंच और कार्यक्षमता को दर्शाता है।
कई जिलों की विद्युत सखियों ने बनाया रिकॉर्ड
बिजनौर, सहारनपुर, सुल्तानपुर, मेरठ और अमेठी समेत कई जिलों की विद्युत सखियों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। प्रदेश की शीर्ष 10 विद्युत सखियों ने चालू वित्तीय वर्ष में एनसीसीपी द्वारा संचालित नए ई-वॉलेट के माध्यम से ₹20 करोड़ से अधिक के बिजली बिल जमा किए हैं।
इनमें मेरठ की संगीता ने 8,718 बिलों के जरिए करीब ₹3 करोड़, बाराबंकी की लक्ष्मी देवी ने 8,386 बिलों के माध्यम से करीब ₹2 करोड़ और अमेठी की सोनी द्विवेदी ने 6,556 बिलों के जरिए ₹2.27 करोड़ का संग्रह किया है।
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महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का मॉडल
विद्युत सखी अभियान अब सिर्फ बिजली बिल जमा करने की व्यवस्था तक सीमित नहीं रह गया है। यह ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने, उन्हें सम्मानजनक आय उपलब्ध कराने और उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करने का माध्यम बन रहा है।
यह पहल यह भी दिखाती है कि प्रशिक्षण और जिम्मेदारी के अवसर मिलने पर ग्रामीण महिलाएं सरकारी सेवाओं को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

