Sunday, August 9, 2026
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भारत-म्यांमार सीमा को लेकर JBWG के माध्यम से बातचीत, भूमि हस्तांतरण का कोई प्रस्ताव नहीं

भारत और म्यांमार के बीच JBWG के माध्यम से सीमा निर्धारण के लिए बातचीत जारी है।

भारत और म्यांमार के बीच सीमा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है। दोनों देशों के बीच 1,643 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय भूमि सीमा है, जो अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर और मिजोरम से होकर गुजरती है। भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों के बीच कोई सीमा विवाद नहीं है और सीमा के सीमांकन तथा सीमा प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर नियमित बातचीत होती है।

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विदेश मंत्रालय ने भारत म्यांमार सीमा विवाद पर बाते साफ की।

JBWG के माध्यम से हो रही बातचीत

सीमा से जुड़े मामलों पर भारत और म्यांमार के बीच Joint Boundary Working Group (JBWG) के माध्यम से चर्चा होती है। MEA के अनुसार JBWG सीमा संबंधी मामलों पर विचार-विमर्श का प्रमुख तंत्र है। इसका उद्देश्य सीमा के सीमांकन और उससे जुड़े तकनीकी एवं प्रशासनिक मुद्दों पर दोनों देशों के बीच समन्वय करना है।

MEA के एक आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार, भारत और म्यांमार के बीच कोई boundary dispute नहीं है। हालांकि, मणिपुर सेक्टर में कुछ boundary pillars से जुड़े मामले अभी unresolved बताए गए हैं। सीमा के सीमांकन और border management पर दोनों देशों के बीच संस्थागत तंत्र के माध्यम से नियमित संवाद होता है।

म्यांमार के साथ 1,643 किलोमीटर की सीमा साझा करता है भारत

भारत म्यांमार के साथ 1,643 किलोमीटर लंबी भूमि सीमा साझा करता है। यह सीमा पूर्वोत्तर के चार राज्यों—अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर और मिजोरम से लगती है। भारत सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अरुणाचल प्रदेश की सीमा 520 किमी, नागालैंड की 215 किमी, मणिपुर की 398 किमी और मिजोरम की 510 किमी है।

सीमा सुरक्षा के लिए फेंसिंग और तकनीक का इस्तेमाल

भारत-म्यांमार सीमा का बड़ा हिस्सा पहाड़ी और कठिन भौगोलिक क्षेत्र से होकर गुजरता है। हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि पूरे क्षेत्र में fencing संभव नहीं है। भारत सरकार ने सीमा पर fencing, border roads और अन्य infrastructure के साथ-साथ उन क्षेत्रों में technological solutions इस्तेमाल करने की नीति बताई है जहां physical fencing संभव नहीं है।

चीन के साथ म्यांमार के करीबी संबंध

म्यांमार के चीन के साथ आर्थिक और रणनीतिक संबंध महत्वपूर्ण हैं। दोनों देशों के बीच China-Myanmar Economic Corridor (CMEC) के तहत infrastructure और connectivity projects पर सहयोग है। चीन के लिए म्यांमार की भौगोलिक स्थिति भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह उसे हिंद महासागर क्षेत्र से जोड़ने वाले संपर्क मार्ग उपलब्ध कराता है।

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