अर्जेंटीना में पेंशन ना बढ़ाने की विधेयक पर राजधानी ब्यूनस ऑयर्स में हुई हिंसा
एक बार फिर अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस ऑयर्स में जमकर बवाल हुआ। पेंशन बढ़ोतरी की मांग को लेकर हजारों की संख्या में प्रदर्शनाकरियों ने जमकर बवाल किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। तो वहीं प्रदर्शनकारी भी पुलिस पर पथराव करते नजर आए।
सड़क पर हिंसा संसद में पेंशन विधेयकर पर वोटिंग
जब ब्यूनस ऑयर्स की सड़कों पर बवाल मचा हुआ था। उसी समय अर्जेंटीना के निचले सदन में उस विधेयक पर वोटिंग भी जारी थी। जिसके तहत देश की जेवियर माइली सरकार पेंशन बढ़ोतरी खत्म करने चाहती है।
हालांकि माइली सरकार को उस समय संसद में झटका लगा। इस विधेयक के खिला 153 सांसदों ने वोट किया। जबकि केवल 87 सांसद ही ऐसे थे। जिन्होंने पेंशन को बढ़ने से रोकने की योजना को समर्थन किया।
जबकि इसे पास करने के लिए दो तिहाई वोट की जरूरत थी।

महंगाई से बेहाल प्रदर्शनकारी पेंशन बढ़ाने की कर रहे हैं मांग
अर्जेंटीना लंबे समय से महंगाई की मार झेल रहा है। और अर्जेंटीना की नई सरकार भी महंगाई को काबू में करने में नाकाम साबित हो रही है। इसलिए देश में बढ़ती महंगाई के खिलाफ पेंशनधारी सरकार से पेंशन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि मौजूदा पेंशन से घर चलाना संभव नहीं है। इसलिए सरकार को पेंशन ना बढ़ाने की विधेयक को खत्म कर देना चाहिए।

राष्ट्रपति जेवियर माइली महंगाई काबू करने के लिए अपनाना चाहते हैं कठोर नीतियां
भले ही सड़कों पर महंगाई और पेंशन को लेकर बवाल हो रहा है। लेकिन अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली साफ कर चुके हैं कि देश को आर्थिक संकट से उबारने के लिए कठोर नीतियां अपनाना जरूरी है। और इसके लिए वो खर्चों में कटौती करना चाहते हैं। और इसी के तहत वो पेंशन बढ़ाने के भी खिलाफ हैं। इतना ही नहीं जेवियर साफ कर चुके हैं कि पेंशन ना बढ़ाने वाले विधेयक के खिलाफ अपनी शक्ति का का इस्तेमाल कर सकते हैं। और वीटो लगाकर भी इस विधेयक को संसद में पास करा सकते हैं।
अर्जेंटीना में महंगाई के खिलाफ लगातार हो रहा है हिंसक प्रदर्शन
ऐसा पहली बार नहीं है जब बुधवार को अर्जेंटीना की सड़कों पर संग्राम मचा था। इसके पहले भी राजधानी ब्यूनस ऑयर्स समेत देश के कई हिस्सों में आर्थिक हालात और बढ़ती महंगाई के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन हो चुका है बावजूद इसके आए दिन यहां सरकार विरोधी उग्र प्रदर्शन आम बात है।

